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नक्षत्रनक्षत्र

नक्षत्र 27 चंद्र मंज़िलों में से एक है — राशिचक्र का लगभग 13°20' का हिस्सा जिसमें चंद्रमा स्थित है। प्रत्येक नक्षत्र का अपना स्वामी देवता, स्वामी ग्रह और स्वभाव होता है, जैसे चंद्र राशि का एक अधिक सूक्ष्म संस्करण।

व्यवहार में

नक्षत्र इस ऐप में लगातार उपयोग होते हैं: ये आपका जन्म नक्षत्र तय करते हैं (कुंडली मिलान, नामकरण, और व्यक्तिगत मुहूर्त समय-निर्धारण में उपयोग), विशेष गतिविधियों के लिए इनके अपने शुभ/अशुभ जुड़ाव होते हैं (जैसे कुछ नक्षत्र परंपरागत रूप से यात्रा, व्यापार, या पूजा के लिए अनुकूल माने जाते हैं — साप्ताहिक सारांश सुविधा देखें), और प्रत्येक का अपना विषाक्त "विष घटी" उप-खंड होता है (नीचे नक्षत्र विष घटी देखें)।

गणना कैसे होती है

तिथि की तरह, नक्षत्र भी एक निश्चित अवधि तक नहीं चलता — यह उस दिन चंद्रमा की वास्तविक गति पर निर्भर करता है। पंचांग ठीक-ठीक दिखाता है कि वर्तमान नक्षत्र कब समाप्त होता है और कौन-सा अगला आता है ("नक्षत्र परिवर्तन" पंक्ति)।

नक्षत्र क्या है?

राशिचक्र को 27 नक्षत्रों में विभाजित किया गया है, प्रत्येक 13°20' का। जहाँ राशि (ज्योतिष राशि) 30° की होती है, वहीं नक्षत्र केवल 13°20' का होता है — जिससे यह चंद्र राशि से अधिक सूक्ष्म दृष्टिकोण बनता है। प्रत्येक नक्षत्र का अपना स्वामी देवता, स्वामी ग्रह, प्रतीक और गुणों का समूह होता है।

27 नक्षत्रों का संक्षिप्त विवरण

क्रम में 27 नक्षत्र: अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्व फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्व आषाढ़ा, उत्तर आषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद, रेवती। प्रत्येक को आगे 4 पादों में विभाजित किया गया है, कुल 108 पाद — नामकरण अक्षरों का आधार।

नक्षत्र दैनंदिन जीवन को कैसे प्रभावित करता है

प्रत्येक नक्षत्र दिन के लिए अपनी उर्जा गुणवत्ता रखता है। कुछ यात्रा के लिए अनुकूल माने जाते हैं (हस्त, अश्विनी, पुष्य), अन्य व्यापार के लिए (रोहिणी, उत्तर फाल्गुनी), अन्य पूजा के लिए (पुष्य, श्रवण)। आपका जन्म नक्षत्र विंशोत्तरी दशा में आपकी प्रारंभिक महादशा तय करता है।

जन्म नक्षत्र का महत्व

आपका जन्म नक्षत्र (जन्म नक्षत्र) आपकी कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण नक्षत्र है। यह तय करता है: (1) विंशोत्तरी दशा में आपकी प्रारंभिक महादशा, (2) किसी भी दिन के लिए आपका तारा बल स्कोर, (3) मुहूर्त चिंतामणि नामकरण तालिका के अनुसार आपके नाम का आदर्श प्रारंभिक अक्षर, और (4) कुंडली मिलान में उपयोग होने वाला आपका गण (देव/मनुष्य/राक्षस)।