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🕉️ आज का पञ्चांग

·Bhubaneswar·☀ Sunrise 05:46:40 AM·☾ Sunset 05:14:28 PM
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 07:26 am · तक सक्रिय 26 Oct, 08:52 am
चर आज 12:56 PM बजे प्रारंभ होगा — सोमवार को कम अनुकूल (अमृत वेला दोष — सोमवार को यात्रा लाभ कम हो जाता है।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 04:26 pm · तक सक्रिय 26 Oct, 06:00 pm
चर आज 09:56 PM बजे प्रारंभ होगा — सोमवार को कम अनुकूल (अमृत वेला दोष — सोमवार को यात्रा लाभ कम हो जाता है।)
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मुहूर्त चेतावनी· तक सक्रिय 26 Oct, 04:11 am
दग्ध तिथि: चंद्रमा मेष में तिथि 15 के लिए 'दग्ध' है। नया कार्य आरंभ करने हेतु कम अनुकूल।
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 05:03 am · तक सक्रिय 26 Oct, 06:00 am
शुक्र होरा आज 10:33 AM बजे प्रारंभ होगी (शुक्र अस्त — विवाह या बड़ी खरीदारी के लिए समय कम उपयुक्त।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 11:44 am · तक सक्रिय 26 Oct, 12:47 pm
शुक्र होरा आज 05:14 PM बजे प्रारंभ होगी (शुक्र अस्त — विवाह या बड़ी खरीदारी के लिए समय कम उपयुक्त।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 07:03 pm · तक सक्रिय 26 Oct, 08:06 pm
शुक्र होरा 27 अक्टू 12:33 AM बजे प्रारंभ होगी (शुक्र अस्त — विवाह या बड़ी खरीदारी के लिए समय कम उपयुक्त।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 03:47 am · तक सक्रिय 26 Oct, 04:11 am
तिथि गंडांत निकट: पूर्ण तिथि 15 के अंतिम 24 मिनट आज 09:17 AM बजे प्रारंभ होंगे। संक्रमण संधि — तब नया कार्य शुरू करना टालें।
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 04:11 am · तक सक्रिय 26 Oct, 04:35 am
तिथि गंडांत निकट: नंदा तिथि 16 आज 09:41 AM बजे प्रारंभ होगी — इसके प्रथम 24 मिनट संक्रमण संधि हैं। तब नया कार्य शुरू करना टालें।
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 26 Oct, 08:28 am · तक सक्रिय 26 Oct, 09:57 am
नक्षत्र विष घटी निकट: अश्विनी का कम अनुकूल काल आज 01:58 PM बजे प्रारंभ होगा (03:27 PM तक)। तब सावधानी बरतें।
वार
सोमवार
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा (15)
तक 09:41:47 AM
फिर Krishna Pratipada
नक्षत्र
अश्विनी (1/27) · पाद 2
तक 05:41:27 PM
फिर Bharani
योग
वज्र (15/27)
तक 02:17:00 PM
फिर Siddhi
करण
बव (30/60)
🌙 चंद्रमा
🌕 पूर्णिमा
प्रकाशित भाग · 100%
राशि · ♈ मेष
चंद्रोदय 05:12:41 PM · चंद्रास्त 05:39:05 AM
आश्विन
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083 (शक संवत् 1948)
📿 व्रत
सोमवार व्रत
सोमवार भगवान शिव व्रत
✦ नक्षत्र परिवर्तन
अश्विनी → भरणी
पर 05:41:27 PM
🪐 ग्रह स्थिति
☀️Sun
तुला 8.37°
🌙Moon
मेष 6.18°
♂️Mars
कर्क 21.32°
☿Mercury℞
तुला 26.54°
♃Jupiter
कर्क 29.32°
♀️Venus℞
तुला 5.38°
♄Saturn℞
मीन 15.45°
☊Rahu℞
कुम्भ 2.16°
☋Ketu℞
सिंह 2.16°

⭐ विशेष मुहूर्त

🟣 ब्रह्म मुहूर्त (आज)
04:10:40 AM – 04:58:40 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.
🔴 राहु काल
07:12:38 AM – 08:38:37 AM
व्यवहार में इसे गंभीरता से अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचें.
🔴 यमगण्ड
10:04:35 AM – 11:30:34 AM
अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें.
🟡 अभिजित मुहूर्त
11:07:46 AM – 11:53:37 AM
Afflicted by राहु Mukha (सोमवार) — use with caution.
🟡 गुलिक काल
12:56:32 PM – 02:22:31 PM
पुनरावर्ती कार्यों हेतु परंपरागत रूप से अनुकूल, परंतु एकबारगी या अंतिम कार्यों से बचें.
🟣 ब्रह्म मुहूर्त (कल)
04:11:05 AM – 04:59:05 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.

🚫 दुर्मुहूर्त एवं वर्ज्यम्

🔴 दुर्मुहूर्त
06:32:31 AM – 07:18:22 AM
अशुभ — नई शुरुआत न करें.
🔴 वर्ज्यम
03:25:18 PM – 05:01:18 PM
कम अनुकूल — नए कार्य आरंभ करने से बचें.
🔴 दुर्मुहूर्त
03:42:45 PM – 04:28:36 PM
अशुभ — नई शुरुआत न करें.
🔴 वर्ज्यम
07:17:27 PM – 08:53:27 PM
कम अनुकूल — नए कार्य आरंभ करने से बचें.
☀️ चौघड़िया · दिन
🟢अमृत05:46:40 AM – 07:12:38 AMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल07:12:38 AM – 08:38:37 AMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ08:38:37 AM – 10:04:35 AMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग10:04:35 AM – 11:30:34 AMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग11:30:34 AM – 12:56:32 PMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर12:56:32 PM – 02:22:31 PMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ02:22:31 PM – 03:48:29 PMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत03:48:29 PM – 05:14:28 PMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🌙 चौघड़िया · रात
🟢शुभ05:14:28 PM – 06:48:32 PMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग06:48:32 PM – 08:22:37 PMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग08:22:37 PM – 09:56:41 PMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर09:56:41 PM – 11:30:46 PMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ11:30:46 PM – 01:04:51 AMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत01:04:51 AM – 02:38:55 AMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल02:38:55 AM – 04:13:00 AMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ04:13:00 AM – 05:47:05 AMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
⏳ होरा · दिन
⚪चन्द्र05:46:40 AM – 06:43:59 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि06:43:59 AM – 07:41:18 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु07:41:18 AM – 08:38:37 AMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल08:38:37 AM – 09:35:56 AMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य09:35:56 AM – 10:33:15 AMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र10:33:15 AM – 11:30:34 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध11:30:34 AM – 12:27:53 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र12:27:53 PM – 01:25:12 PMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि01:25:12 PM – 02:22:31 PMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु02:22:31 PM – 03:19:50 PMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल03:19:50 PM – 04:17:09 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य04:17:09 PM – 05:14:28 PMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
⏳ होरा · रात
🩷शुक्र05:14:28 PM – 06:17:11 PMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध06:17:11 PM – 07:19:54 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र07:19:54 PM – 08:22:37 PMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि08:22:37 PM – 09:25:20 PMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु09:25:20 PM – 10:28:03 PMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल10:28:03 PM – 11:30:46 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य11:30:46 PM – 12:33:29 AMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र12:33:29 AM – 01:36:12 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध01:36:12 AM – 02:38:55 AMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र02:38:55 AM – 03:41:38 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि03:41:38 AM – 04:44:21 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु04:44:21 AM – 05:47:05 AMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
⚠️ ग्रह चेतावनियाँ
वक्री
शुक्रशनि
🔀 गोचर चेतावनियाँ
गुरु: कर्क → सिंह31 अक्ट 2026 (5d)
🎊 आगामी
शरद पूर्णिमाToday
वाल्मीकि जयंतीToday
करवा चौथ3d
राज्योत्सव6d
अहोई अष्टमी7d
रमा एकादशी10d
धनतेरस12d
दीपावली13d
बंदी छोड़ दिवस13d
काली पूजा13d
नरक चतुर्दशी13d
सोहराय13d
महावीर निर्वाण13d
दिवाली पड़वा15d
भाई दूज16d
भाऊ बीज16d
चित्रगुप्त पूजा16d
छठ पूजा (खरना)19d
छठ पूजा20d
वांगला20d
सामा-चकेवा21d
गोपाष्टमी22d
देव उठनी एकादशी26d
तुलसी विवाह26d
गुरु नानक जयंती29d
गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस29d
कार्तिगई दीपम29d
कार्तिक पूर्णिमा29d
🌑 ग्रहण
वलयाकार सूर्य ग्रहण06 फ़र 2027 · स्थानीय रूप से अदृश्य
चरम (वैश्विक समय): 09:29:40 PM
उपछाया चन्द्र ग्रहण21 फ़र 2027 · दृश्य
चरम (वैश्विक समय): 04:42:51 AM
🕉️ चातुर्मास
Chaturmasa active (Vishnu's yogic sleep period, Ashadha Shukla Ekadashi to Kartik Shukla Ekadashi) — Griha Pravesh traditionally avoided.
🗓️ सप्ताह के श्रेष्ठ दिन
यात्राशुक्रवार · 30 अक्ट 2026
व्यापाररविवार · 01 नव 2026
पूजारविवार · 01 नव 2026
पंचांग प्रणाली: purnimant
प्रश्न · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Bhubaneswar में आज राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का एक अशुभ समय है जो सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच सप्ताह के दिन के अनुसार गणना की जाती है — नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। सटीक समय ऊपर पञ्चांग में दिखाया गया है।

आज की तिथि क्या है?

तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच 12 डिग्री के कोणीय अंतर पर आधारित है — एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं। आज की तिथि ऊपर पञ्चांग अनुभाग में दिखाई गई है।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में विभाजित करता है। प्रत्येक भाग की एक गुणवत्ता होती है — अमृत, शुभ, लाभ (शुभ); चर (तटस्थ); रोग, उद्वेग, काल (अशुभ)। महत्वपूर्ण कार्य शुभ चौघड़िया में शुरू करें।

अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त दिन के मध्य का एक शुभ समय है (स्थानीय दोपहर के आसपास), जो सभी दोषों का निवारण करता है और लगभग किसी भी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त माना जाता है।

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र 27 चंद्र मंजिलों में से एक है जिसमें चंद्रमा प्रतिदिन भ्रमण करता है। यह मनोदशा, निर्णय और अनुकूलता को प्रभावित करता है। प्रत्येक नक्षत्र 13°20' का होता है।

एकादशी कब है?

एकादशी प्रत्येक चंद्र पक्ष की 11वीं तिथि को आती है — शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों में। यह भगवान विष्णु को समर्पित उपवास का दिन है। सटीक तिथि ऊपर पञ्चांग में देखें।

यामगंड और गुलिक काल क्या है?

यामगंड और गुलिक काल दिन के अशुभ समय हैं — राहु काल की तरह। इन समयों में नए कार्य, अनुबंध या शुभ समारोह शुरू करने से बचना चाहिए।