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🕉️ आज का पञ्चांग

·Jaipur·☀ Sunrise 06:37:30 AM·☾ Sunset 05:43:03 PM
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 1 Nov, 01:07 am · तक सक्रिय 1 Nov, 02:30 am
उद्वेग आज 06:37 AM बजे प्रारंभ होगा — रविवार को कम अनुकूल (रविवार को सूर्य का अपना समय — नए कार्य आरंभ करने के लिए सामान्य से कम अनुकूल।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 1 Nov, 10:49 am · तक सक्रिय 1 Nov, 12:13 pm
उद्वेग आज 04:19 PM बजे प्रारंभ होगा — रविवार को कम अनुकूल (रविवार को सूर्य का अपना समय — नए कार्य आरंभ करने के लिए सामान्य से कम अनुकूल।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 1 Nov, 05:03 pm · तक सक्रिय 1 Nov, 06:40 pm
उद्वेग आज 10:33 PM बजे प्रारंभ होगा — रविवार को कम अनुकूल (रविवार को सूर्य का अपना समय — नए कार्य आरंभ करने के लिए सामान्य से कम अनुकूल।)
🔔
मुहूर्त चेतावनी· तक सक्रिय 1 Nov, 09:22 am
दग्ध तिथि: चंद्रमा कर्क में तिथि 22 के लिए 'दग्ध' है। नया कार्य आरंभ करने हेतु कम अनुकूल।
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 1 Nov, 07:46 am · तक सक्रिय 1 Nov, 09:18 am
नक्षत्र विष घटी निकट: पुष्य का कम अनुकूल काल आज 01:16 PM बजे प्रारंभ होगा (02:48 PM तक)। तब सावधानी बरतें।
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 1 Nov, 02:58 am · तक सक्रिय 1 Nov, 03:53 am
बुध होरा आज 08:28 AM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 1 Nov, 09:26 am · तक सक्रिय 1 Nov, 10:22 am
बुध होरा आज 02:56 PM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 1 Nov, 04:31 pm · तक सक्रिय 1 Nov, 05:36 pm
बुध होरा आज 10:01 PM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 2 Nov, 12:03 am · तक सक्रिय 2 Nov, 01:08 am
बुध होरा 02 नव 05:33 AM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
वार
रविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी (22)
तक 02:52:12 PM
फिर Krishna Ashtami
नक्षत्र
पुष्य (8/27) · पाद 1
तक 04:30:54 AM
फिर Ashlesha
योग
साध्य (22/27)
तक 02:39:28 PM
फिर Shubha
करण
बव (44/60)
🌙 चंद्रमा
🌖 कृष्ण त्रिपाद
प्रकाशित भाग · 56.6%
राशि · ♋ कर्क
चंद्रोदय 11:45:02 PM · चंद्रास्त 12:49:05 PM
कार्तिक
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2083 (शक संवत् 1948)
📿 व्रत
आज कोई व्रत नहीं है।
✦ नक्षत्र परिवर्तन
पुष्य → अश्लेषा
पर 04:30:54 AM
🪐 ग्रह स्थिति
☀️Sun
तुला 14.39°
🌙Moon
कर्क 3.90°
♂️Mars
कर्क 24.41°
☿Mercury℞
तुला 22.38°
♃Jupiter
सिंह 0.09°
♀️Venus℞
तुला 1.99°
♄Saturn℞
मीन 15.05°
☊Rahu℞
कुम्भ 1.84°
☋Ketu℞
सिंह 1.84°

⭐ विशेष मुहूर्त

🟣 ब्रह्म मुहूर्त (आज)
05:01:30 AM – 05:49:30 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.
🟢 अभिजित मुहूर्त
11:48:14 AM – 12:32:37 PM
सर्वश्रेष्ठ — सभी दोष निवारण.
🔴 यमगण्ड
12:10:16 PM – 01:33:28 PM
अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें.
🟡 गुलिक काल
02:56:39 PM – 04:19:51 PM
पुनरावर्ती कार्यों हेतु परंपरागत रूप से अनुकूल, परंतु एकबारगी या अंतिम कार्यों से बचें.
🔴 राहु काल
04:19:51 PM – 05:43:03 PM
व्यवहार में इसे गंभीरता से अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचें.
🟣 ब्रह्म मुहूर्त (कल)
05:02:10 AM – 05:50:10 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.

🚫 दुर्मुहूर्त एवं वर्ज्यम्

🔴 वर्ज्यम
01:27:48 PM – 03:03:48 PM
कम अनुकूल — नए कार्य आरंभ करने से बचें.
🔴 वर्ज्यम
01:39:52 PM – 03:15:52 PM
कम अनुकूल — नए कार्य आरंभ करने से बचें.
🔴 दुर्मुहूर्त
04:14:18 PM – 04:58:40 PM
अशुभ — नई शुरुआत न करें.
☀️ चौघड़िया · दिन
🔴उद्वेग06:37:30 AM – 08:00:41 AMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर08:00:41 AM – 09:23:53 AMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ09:23:53 AM – 10:47:04 AMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत10:47:04 AM – 12:10:16 PMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल12:10:16 PM – 01:33:28 PMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ01:33:28 PM – 02:56:39 PMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग02:56:39 PM – 04:19:51 PMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग04:19:51 PM – 05:43:03 PMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🌙 चौघड़िया · रात
🔴काल05:43:03 PM – 07:19:56 PMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ07:19:56 PM – 08:56:49 PMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग08:56:49 PM – 10:33:43 PMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग10:33:43 PM – 12:10:36 AMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर12:10:36 AM – 01:47:29 AMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ01:47:29 AM – 03:24:23 AMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत03:24:23 AM – 05:01:16 AMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल05:01:16 AM – 06:38:10 AMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
⏳ होरा · दिन
🟠सूर्य06:37:30 AM – 07:32:57 AMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र07:32:57 AM – 08:28:25 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध08:28:25 AM – 09:23:53 AMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र09:23:53 AM – 10:19:21 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि10:19:21 AM – 11:14:48 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु11:14:48 AM – 12:10:16 PMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल12:10:16 PM – 01:05:44 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य01:05:44 PM – 02:01:12 PMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र02:01:12 PM – 02:56:39 PMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध02:56:39 PM – 03:52:07 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र03:52:07 PM – 04:47:35 PMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि04:47:35 PM – 05:43:03 PMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
⏳ होरा · रात
🟡गुरु05:43:03 PM – 06:47:38 PMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल06:47:38 PM – 07:52:14 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य07:52:14 PM – 08:56:49 PMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र08:56:49 PM – 10:01:25 PMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध10:01:25 PM – 11:06:00 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र11:06:00 PM – 12:10:36 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि12:10:36 AM – 01:15:12 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु01:15:12 AM – 02:19:47 AMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल02:19:47 AM – 03:24:23 AMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य03:24:23 AM – 04:28:58 AMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र04:28:58 AM – 05:33:34 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध05:33:34 AM – 06:38:10 AMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚠️ ग्रह चेतावनियाँ
वक्री
शुक्रशनि
🔀 गोचर चेतावनियाँ
शुक्र: तुला → कन्या06 नव 2026 (5d)
🎊 आगामी
राज्योत्सवToday
अहोई अष्टमी1d
रमा एकादशी4d
धनतेरस6d
दीपावली7d
बंदी छोड़ दिवस7d
काली पूजा7d
नरक चतुर्दशी7d
सोहराय7d
महावीर निर्वाण7d
दिवाली पड़वा9d
भाई दूज10d
भाऊ बीज10d
चित्रगुप्त पूजा10d
छठ पूजा (खरना)13d
छठ पूजा14d
वांगला14d
सामा-चकेवा15d
गोपाष्टमी16d
देव उठनी एकादशी20d
तुलसी विवाह20d
गुरु नानक जयंती23d
गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस23d
कार्तिगई दीपम23d
कार्तिक पूर्णिमा23d
हॉर्नबिल महोत्सव30d
🌑 ग्रहण
वलयाकार सूर्य ग्रहण06 फ़र 2027 · स्थानीय रूप से अदृश्य
चरम (वैश्विक समय): 09:29:40 PM
उपछाया चन्द्र ग्रहण21 फ़र 2027 · दृश्य
चरम (वैश्विक समय): 04:42:51 AM
🕉️ चातुर्मास
Chaturmasa active (Vishnu's yogic sleep period, Ashadha Shukla Ekadashi to Kartik Shukla Ekadashi) — Griha Pravesh traditionally avoided.
🗓️ सप्ताह के श्रेष्ठ दिन
यात्राशुक्रवार · 06 नव 2026
व्यापारगुरुवार · 05 नव 2026
पूजागुरुवार · 05 नव 2026
पंचांग प्रणाली: purnimant
प्रश्न · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Jaipur में आज राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का एक अशुभ समय है जो सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच सप्ताह के दिन के अनुसार गणना की जाती है — नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। सटीक समय ऊपर पञ्चांग में दिखाया गया है।

आज की तिथि क्या है?

तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच 12 डिग्री के कोणीय अंतर पर आधारित है — एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं। आज की तिथि ऊपर पञ्चांग अनुभाग में दिखाई गई है।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में विभाजित करता है। प्रत्येक भाग की एक गुणवत्ता होती है — अमृत, शुभ, लाभ (शुभ); चर (तटस्थ); रोग, उद्वेग, काल (अशुभ)। महत्वपूर्ण कार्य शुभ चौघड़िया में शुरू करें।

अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त दिन के मध्य का एक शुभ समय है (स्थानीय दोपहर के आसपास), जो सभी दोषों का निवारण करता है और लगभग किसी भी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त माना जाता है।

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र 27 चंद्र मंजिलों में से एक है जिसमें चंद्रमा प्रतिदिन भ्रमण करता है। यह मनोदशा, निर्णय और अनुकूलता को प्रभावित करता है। प्रत्येक नक्षत्र 13°20' का होता है।

एकादशी कब है?

एकादशी प्रत्येक चंद्र पक्ष की 11वीं तिथि को आती है — शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों में। यह भगवान विष्णु को समर्पित उपवास का दिन है। सटीक तिथि ऊपर पञ्चांग में देखें।

यामगंड और गुलिक काल क्या है?

यामगंड और गुलिक काल दिन के अशुभ समय हैं — राहु काल की तरह। इन समयों में नए कार्य, अनुबंध या शुभ समारोह शुरू करने से बचना चाहिए।