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🕉️ आज का पञ्चांग

·Jaipur·☀ Sunrise 06:40:54 AM·☾ Sunset 05:39:43 PM
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 6 Nov, 01:10 am · तक सक्रिय 6 Nov, 02:33 am
चर आज 06:40 AM बजे प्रारंभ होगा — शुक्रवार को कम अनुकूल (काल वेला दोष — शुक्रवार को शुक्र का यात्रा समय प्रभावित होता है।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 6 Nov, 10:47 am · तक सक्रिय 6 Nov, 12:09 pm
चर आज 04:17 PM बजे प्रारंभ होगा — शुक्रवार को कम अनुकूल (काल वेला दोष — शुक्रवार को शुक्र का यात्रा समय प्रभावित होता है।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 6 Nov, 03:25 pm · तक सक्रिय 6 Nov, 05:02 pm
चर आज 08:55 PM बजे प्रारंभ होगा — शुक्रवार को कम अनुकूल (काल वेला दोष — शुक्रवार को शुक्र का यात्रा समय प्रभावित होता है।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 16 Oct, 01:17 am · तक सक्रिय 6 Nov, 05:01 am
चंद्रमा 16 अक्टू 06:47 AM बजे धनु में प्रवेश करेगा — तिथि 27 के लिए 'दग्ध', नया कार्य आरंभ करने हेतु कम अनुकूल।
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 6 Nov, 07:31 am · तक सक्रिय 6 Nov, 09:10 am
नक्षत्र विष घटी निकट: हस्त का कम अनुकूल काल आज 01:01 PM बजे प्रारंभ होगा (02:40 PM तक)। तब सावधानी बरतें।
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 6 Nov, 02:05 am · तक सक्रिय 6 Nov, 03:00 am
बुध होरा आज 07:35 AM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 6 Nov, 08:30 am · तक सक्रिय 6 Nov, 09:25 am
बुध होरा आज 02:00 PM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 6 Nov, 03:25 pm · तक सक्रिय 6 Nov, 04:30 pm
बुध होरा आज 08:55 PM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
ℹ️
मुहूर्त टिप्पणी· प्रारंभ 6 Nov, 11:01 pm · तक सक्रिय 7 Nov, 12:06 am
बुध होरा 07 नव 04:31 AM बजे प्रारंभ होगी (बुध अस्त — सामान्यतः कमजोर; इससे अधिक कोई विशेष शास्त्रीय निर्देश नहीं।)
वार
शुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी (27)
तक 10:31:09 AM
फिर Krishna Trayodashi
नक्षत्र
हस्त (13/27) · पाद 1
तक 04:43:32 AM
फिर Chitra
योग
विष्कम्भ (1/27)
तक 04:10:08 AM
फिर Preeti
करण
तैतिल (54/60)
🌙 चंद्रमा
🌘 कृष्ण अर्धचन्द्र
प्रकाशित भाग · 9.2%
राशि · ♍ कन्या
चंद्रोदय 03:45:57 AM · चंद्रास्त 03:42:16 PM
कार्तिक
कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत्
2083 (शक संवत् 1948)
📿 व्रत
प्रदोष व्रत
भगवान शिव के लिए संध्या व्रत
शुक्रवार व्रत
शुक्रवार लक्ष्मी/संतोषी माँ व्रत
✦ नक्षत्र परिवर्तन
हस्त → चित्रा
पर 04:43:32 AM
🪐 ग्रह स्थिति
☀️Sun
तुला 19.40°
🌙Moon
कन्या 11.49°
♂️Mars
कर्क 26.89°
☿Mercury℞
तुला 16.09°
♃Jupiter
सिंह 0.67°
♀️Venus℞
कन्या 29.92°
♄Saturn℞
मीन 14.75°
☊Rahu℞
कुम्भ 1.57°
☋Ketu℞
सिंह 1.57°

⭐ विशेष मुहूर्त

🟣 ब्रह्म मुहूर्त (आज)
05:04:54 AM – 05:52:54 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.
🟡 गुलिक काल
08:03:15 AM – 09:25:36 AM
पुनरावर्ती कार्यों हेतु परंपरागत रूप से अनुकूल, परंतु एकबारगी या अंतिम कार्यों से बचें.
🔴 राहु काल
10:47:57 AM – 12:10:18 PM
व्यवहार में इसे गंभीरता से अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचें.
🟢 अभिजित मुहूर्त
11:48:30 AM – 12:32:25 PM
सर्वश्रेष्ठ — सभी दोष निवारण.
🔴 यमगण्ड
02:55:00 PM – 04:17:21 PM
अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें.
🟣 ब्रह्म मुहूर्त (कल)
05:05:36 AM – 05:53:36 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.

🚫 दुर्मुहूर्त एवं वर्ज्यम्

🔴 दुर्मुहूर्त
09:36:35 AM – 10:20:30 AM
अशुभ — नई शुरुआत न करें.
🔴 वर्ज्यम
12:33:30 PM – 02:09:30 PM
कम अनुकूल — नए कार्य आरंभ करने से बचें.
🔴 वर्ज्यम
12:44:01 PM – 02:20:01 PM
कम अनुकूल — नए कार्य आरंभ करने से बचें.
🔴 दुर्मुहूर्त
02:44:01 PM – 03:27:57 PM
अशुभ — नई शुरुआत न करें.
☀️ चौघड़िया · दिन
🟡चर06:40:54 AM – 08:03:15 AMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ08:03:15 AM – 09:25:36 AMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत09:25:36 AM – 10:47:57 AMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल10:47:57 AM – 12:10:18 PMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ12:10:18 PM – 01:32:39 PMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग01:32:39 PM – 02:55:00 PMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग02:55:00 PM – 04:17:21 PMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर04:17:21 PM – 05:39:43 PMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🌙 चौघड़िया · रात
🔴रोग05:39:43 PM – 07:17:27 PMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग07:17:27 PM – 08:55:11 PMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर08:55:11 PM – 10:32:55 PMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ10:32:55 PM – 12:10:39 AMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत12:10:39 AM – 01:48:23 AMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल01:48:23 AM – 03:26:07 AMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ03:26:07 AM – 05:03:51 AMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग05:03:51 AM – 06:41:36 AMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
⏳ होरा · दिन
🩷शुक्र06:40:54 AM – 07:35:48 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध07:35:48 AM – 08:30:42 AMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र08:30:42 AM – 09:25:36 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि09:25:36 AM – 10:20:30 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु10:20:30 AM – 11:15:24 AMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल11:15:24 AM – 12:10:18 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य12:10:18 PM – 01:05:12 PMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र01:05:12 PM – 02:00:06 PMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध02:00:06 PM – 02:55:00 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र02:55:00 PM – 03:49:54 PMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि03:49:54 PM – 04:44:48 PMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु04:44:48 PM – 05:39:43 PMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
⏳ होरा · रात
🔴मंगल05:39:43 PM – 06:44:52 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य06:44:52 PM – 07:50:01 PMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र07:50:01 PM – 08:55:11 PMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध08:55:11 PM – 10:00:20 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र10:00:20 PM – 11:05:30 PMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि11:05:30 PM – 12:10:39 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु12:10:39 AM – 01:15:48 AMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल01:15:48 AM – 02:20:58 AMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य02:20:58 AM – 03:26:07 AMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र03:26:07 AM – 04:31:17 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध04:31:17 AM – 05:36:26 AMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र05:36:26 AM – 06:41:36 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚠️ ग्रह चेतावनियाँ
वक्री
शुक्रशनि
🔀 गोचर चेतावनियाँ
मंगल: कर्क → सिंह12 नव 2026 (6d)
🎊 आगामी
धनतेरस1d
दीपावली2d
बंदी छोड़ दिवस2d
काली पूजा2d
नरक चतुर्दशी2d
सोहराय2d
महावीर निर्वाण2d
दिवाली पड़वा4d
भाई दूज5d
भाऊ बीज5d
चित्रगुप्त पूजा5d
छठ पूजा (खरना)8d
छठ पूजा9d
वांगला9d
सामा-चकेवा10d
गोपाष्टमी11d
देव उठनी एकादशी15d
तुलसी विवाह15d
गुरु नानक जयंती18d
गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस18d
कार्तिगई दीपम18d
कार्तिक पूर्णिमा18d
हॉर्नबिल महोत्सव25d
उत्पन्ना एकादशी28d
🌑 ग्रहण
वलयाकार सूर्य ग्रहण06 फ़र 2027 · स्थानीय रूप से अदृश्य
चरम (वैश्विक समय): 09:29:40 PM
उपछाया चन्द्र ग्रहण21 फ़र 2027 · दृश्य
चरम (वैश्विक समय): 04:42:51 AM
🕉️ चातुर्मास
Chaturmasa active (Vishnu's yogic sleep period, Ashadha Shukla Ekadashi to Kartik Shukla Ekadashi) — Griha Pravesh traditionally avoided.
🗓️ सप्ताह के श्रेष्ठ दिन
यात्राबुधवार · 11 नव 2026
व्यापारशुक्रवार · 06 नव 2026
पूजाशुक्रवार · 06 नव 2026
पंचांग प्रणाली: purnimant
प्रश्न · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Jaipur में आज राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का एक अशुभ समय है जो सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच सप्ताह के दिन के अनुसार गणना की जाती है — नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। सटीक समय ऊपर पञ्चांग में दिखाया गया है।

आज की तिथि क्या है?

तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच 12 डिग्री के कोणीय अंतर पर आधारित है — एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं। आज की तिथि ऊपर पञ्चांग अनुभाग में दिखाई गई है।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में विभाजित करता है। प्रत्येक भाग की एक गुणवत्ता होती है — अमृत, शुभ, लाभ (शुभ); चर (तटस्थ); रोग, उद्वेग, काल (अशुभ)। महत्वपूर्ण कार्य शुभ चौघड़िया में शुरू करें।

अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त दिन के मध्य का एक शुभ समय है (स्थानीय दोपहर के आसपास), जो सभी दोषों का निवारण करता है और लगभग किसी भी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त माना जाता है।

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र 27 चंद्र मंजिलों में से एक है जिसमें चंद्रमा प्रतिदिन भ्रमण करता है। यह मनोदशा, निर्णय और अनुकूलता को प्रभावित करता है। प्रत्येक नक्षत्र 13°20' का होता है।

एकादशी कब है?

एकादशी प्रत्येक चंद्र पक्ष की 11वीं तिथि को आती है — शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों में। यह भगवान विष्णु को समर्पित उपवास का दिन है। सटीक तिथि ऊपर पञ्चांग में देखें।

यामगंड और गुलिक काल क्या है?

यामगंड और गुलिक काल दिन के अशुभ समय हैं — राहु काल की तरह। इन समयों में नए कार्य, अनुबंध या शुभ समारोह शुरू करने से बचना चाहिए।