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🕉️ आज का पञ्चांग

·Rishikesh·☀ Sunrise 06:26:33 AM·☾ Sunset 05:35:08 PM
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 12:56 am · तक सक्रिय 25 Oct, 02:20 am
उद्वेग आज 06:26 AM बजे प्रारंभ होगा — रविवार को कम अनुकूल (रविवार को सूर्य का अपना समय — नए कार्य आरंभ करने के लिए सामान्य से कम अनुकूल।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 10:41 am · तक सक्रिय 25 Oct, 12:05 pm
उद्वेग आज 04:11 PM बजे प्रारंभ होगा — रविवार को कम अनुकूल (रविवार को सूर्य का अपना समय — नए कार्य आरंभ करने के लिए सामान्य से कम अनुकूल।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 04:54 pm · तक सक्रिय 25 Oct, 06:31 pm
उद्वेग आज 10:24 PM बजे प्रारंभ होगा — रविवार को कम अनुकूल (रविवार को सूर्य का अपना समय — नए कार्य आरंभ करने के लिए सामान्य से कम अनुकूल।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 01:42 pm · तक सक्रिय 25 Oct, 06:26 am
चंद्रमा 13 अक्टू 07:12 PM बजे वृश्चिक में प्रवेश करेगा — तिथि 14 के लिए 'दग्ध', नया कार्य आरंभ करने हेतु कम अनुकूल।
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 01:52 am · तक सक्रिय 25 Oct, 02:47 am
शुक्र होरा आज 07:22 AM बजे प्रारंभ होगी (शुक्र अस्त — विवाह या बड़ी खरीदारी के लिए समय कम उपयुक्त।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 08:22 am · तक सक्रिय 25 Oct, 09:17 am
शुक्र होरा आज 01:52 PM बजे प्रारंभ होगी (शुक्र अस्त — विवाह या बड़ी खरीदारी के लिए समय कम उपयुक्त।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 03:18 pm · तक सक्रिय 25 Oct, 04:22 pm
शुक्र होरा आज 08:48 PM बजे प्रारंभ होगी (शुक्र अस्त — विवाह या बड़ी खरीदारी के लिए समय कम उपयुक्त।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 10:48 pm · तक सक्रिय 25 Oct, 11:52 pm
शुक्र होरा 26 अक्टू 04:18 AM बजे प्रारंभ होगी (शुक्र अस्त — विवाह या बड़ी खरीदारी के लिए समय कम उपयुक्त।)
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आगामी मुहूर्त चेतावनी· प्रारंभ 25 Oct, 02:27 am · तक सक्रिय 25 Oct, 03:58 am
नक्षत्र विष घटी निकट: रेवती का कम अनुकूल काल आज 07:57 AM बजे प्रारंभ होगा (09:28 AM तक)। तब सावधानी बरतें।
वार
रविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी (14)
तक 11:56:36 AM
फिर Shukla Purnima
नक्षत्र
रेवती (27/27) · पाद 2
तक 07:22:18 PM
फिर Ashwini
योग
हर्षण (14/27)
तक 05:22:04 PM
फिर Vajra
करण
वणिज (28/60)
🌙 चंद्रमा
🌔 शुक्ल त्रिपाद
प्रकाशित भाग · 98.9%
राशि · ♓ मीन
चंद्रोदय 04:49:49 PM · चंद्रास्त 05:18:48 AM
आश्विन
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्
2083 (शक संवत् 1948)
📿 व्रत
पूर्णिमा व्रत
पूर्णिमा व्रत; सत्यनारायण कथा
✦ नक्षत्र परिवर्तन
रेवती → अश्विनी
पर 07:22:18 PM
🪐 ग्रह स्थिति
☀️Sun
तुला 7.40°
🌙Moon
मीन 22.41°
♂️Mars
कर्क 20.81°
☿Mercury℞
तुला 26.71°
♃Jupiter
कर्क 29.19°
♀️Venus℞
तुला 5.98°
♄Saturn℞
मीन 15.52°
☊Rahu℞
कुम्भ 2.21°
☋Ketu℞
सिंह 2.21°

⭐ विशेष मुहूर्त

🟣 ब्रह्म मुहूर्त (आज)
04:50:33 AM – 05:38:33 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.
🟢 अभिजित मुहूर्त
11:38:44 AM – 12:23:19 PM
सर्वश्रेष्ठ — सभी दोष निवारण.
🔴 यमगण्ड
12:00:50 PM – 01:24:24 PM
अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें.
🟡 गुलिक काल
02:47:59 PM – 04:11:33 PM
पुनरावर्ती कार्यों हेतु परंपरागत रूप से अनुकूल, परंतु एकबारगी या अंतिम कार्यों से बचें.
🔴 राहु काल
04:11:33 PM – 05:35:08 PM
व्यवहार में इसे गंभीरता से अशुभ माना जाता है — महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचें.
🟣 ब्रह्म मुहूर्त (कल)
04:51:16 AM – 05:39:16 AM
ध्यान, प्रार्थना एवं अध्ययन हेतु पवित्र.

🚫 दुर्मुहूर्त एवं वर्ज्यम्

🔴 वर्ज्यम
08:35:43 AM – 10:11:43 AM
कम अनुकूल — नए कार्य आरंभ करने से बचें.
🔴 दुर्मुहूर्त
04:05:59 PM – 04:50:33 PM
अशुभ — नई शुरुआत न करें.
☀️ चौघड़िया · दिन
🔴उद्वेग06:26:33 AM – 07:50:07 AMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर07:50:07 AM – 09:13:41 AMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ09:13:41 AM – 10:37:16 AMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत10:37:16 AM – 12:00:50 PMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल12:00:50 PM – 01:24:24 PMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ01:24:24 PM – 02:47:59 PMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग02:47:59 PM – 04:11:33 PMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग04:11:33 PM – 05:35:08 PMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🌙 चौघड़िया · रात
🔴काल05:35:08 PM – 07:11:39 PMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
🟢शुभ07:11:39 PM – 08:48:10 PMशुभ — शिक्षा, धार्मिक कार्यों एवं पारिवारिक समारोहों के लिए अच्छा।
🔴रोग08:48:10 PM – 10:24:41 PMअशुभ — चौघड़िया परंपरा के अनुसार नए कार्य या समारोह आरंभ करने से बचें।
🔴उद्वेग10:24:41 PM – 12:01:12 AMअशुभ — नया कार्य आरंभ करने से बचें, हालांकि सरकारी या प्रशासनिक कार्यों हेतु प्रायः उपयुक्त माना जाता है।
🟡चर12:01:12 AM – 01:37:43 AMतटस्थ — यात्रा एवं आवागमन संबंधी कार्यों के लिए अच्छा।
🟢लाभ01:37:43 AM – 03:14:14 AMशुभ — व्यापार, आर्थिक लाभ एवं व्यावसायिक कार्यों के लिए अच्छा।
🟢अमृत03:14:14 AM – 04:50:45 AMसर्वाधिक शुभ — कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अच्छा।
🔴काल04:50:45 AM – 06:27:16 AMअशुभ — नई शुरुआत करने से बचें।
⏳ होरा · दिन
🟠सूर्य06:26:33 AM – 07:22:15 AMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र07:22:15 AM – 08:17:58 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध08:17:58 AM – 09:13:41 AMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र09:13:41 AM – 10:09:24 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि10:09:24 AM – 11:05:07 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु11:05:07 AM – 12:00:50 PMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल12:00:50 PM – 12:56:33 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य12:56:33 PM – 01:52:16 PMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र01:52:16 PM – 02:47:59 PMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध02:47:59 PM – 03:43:42 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र03:43:42 PM – 04:39:25 PMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि04:39:25 PM – 05:35:08 PMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
⏳ होरा · रात
🟡गुरु05:35:08 PM – 06:39:28 PMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल06:39:28 PM – 07:43:49 PMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य07:43:49 PM – 08:48:10 PMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र08:48:10 PM – 09:52:30 PMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध09:52:30 PM – 10:56:51 PMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚪चन्द्र10:56:51 PM – 12:01:12 AMयात्रा, भावनाएं, मातृ संबंधी
⚫शनि12:01:12 AM – 01:05:32 AMश्रम, मशीनरी, पुराने कर्ज
🟡गुरु01:05:32 AM – 02:09:53 AMपूजा, विवाह, शुभ कार्य
🔴मंगल02:09:53 AM – 03:14:14 AMसाहस, सम्पत्ति, शल्य चिकित्सा
🟠सूर्य03:14:14 AM – 04:18:34 AMअधिकार, सरकारी कार्य, पितृ संबंधी
🩷शुक्र04:18:34 AM – 05:22:55 AMप्रेम, कला, विलासिता
🟢बुध05:22:55 AM – 06:27:16 AMव्यापार, संवाद, शिक्षा
⚠️ ग्रह चेतावनियाँ
वक्री
शुक्रशनि
🔀 गोचर चेतावनियाँ
गुरु: कर्क → सिंह31 अक्ट 2026 (6d)
🎊 आगामी
शरद पूर्णिमा1d
वाल्मीकि जयंती1d
करवा चौथ4d
राज्योत्सव7d
अहोई अष्टमी8d
रमा एकादशी11d
धनतेरस13d
दीपावली14d
बंदी छोड़ दिवस14d
काली पूजा14d
नरक चतुर्दशी14d
सोहराय14d
महावीर निर्वाण14d
दिवाली पड़वा16d
भाई दूज17d
भाऊ बीज17d
चित्रगुप्त पूजा17d
छठ पूजा (खरना)20d
छठ पूजा21d
वांगला21d
सामा-चकेवा22d
गोपाष्टमी23d
देव उठनी एकादशी27d
तुलसी विवाह27d
गुरु नानक जयंती30d
गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस30d
कार्तिगई दीपम30d
कार्तिक पूर्णिमा30d
🌑 ग्रहण
वलयाकार सूर्य ग्रहण06 फ़र 2027 · स्थानीय रूप से अदृश्य
चरम (वैश्विक समय): 09:29:40 PM
उपछाया चन्द्र ग्रहण21 फ़र 2027 · दृश्य
चरम (वैश्विक समय): 04:42:51 AM
🕉️ चातुर्मास
Chaturmasa active (Vishnu's yogic sleep period, Ashadha Shukla Ekadashi to Kartik Shukla Ekadashi) — Griha Pravesh traditionally avoided.
🗓️ सप्ताह के श्रेष्ठ दिन
यात्राशुक्रवार · 30 अक्ट 2026
व्यापारसोमवार · 26 अक्ट 2026
पूजासोमवार · 26 अक्ट 2026
पंचांग प्रणाली: purnimant
प्रश्न · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Rishikesh में आज राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का एक अशुभ समय है जो सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच सप्ताह के दिन के अनुसार गणना की जाती है — नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। सटीक समय ऊपर पञ्चांग में दिखाया गया है।

आज की तिथि क्या है?

तिथि चंद्र दिवस है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच 12 डिग्री के कोणीय अंतर पर आधारित है — एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं। आज की तिथि ऊपर पञ्चांग अनुभाग में दिखाई गई है।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में विभाजित करता है। प्रत्येक भाग की एक गुणवत्ता होती है — अमृत, शुभ, लाभ (शुभ); चर (तटस्थ); रोग, उद्वेग, काल (अशुभ)। महत्वपूर्ण कार्य शुभ चौघड़िया में शुरू करें।

अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त दिन के मध्य का एक शुभ समय है (स्थानीय दोपहर के आसपास), जो सभी दोषों का निवारण करता है और लगभग किसी भी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त माना जाता है।

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र 27 चंद्र मंजिलों में से एक है जिसमें चंद्रमा प्रतिदिन भ्रमण करता है। यह मनोदशा, निर्णय और अनुकूलता को प्रभावित करता है। प्रत्येक नक्षत्र 13°20' का होता है।

एकादशी कब है?

एकादशी प्रत्येक चंद्र पक्ष की 11वीं तिथि को आती है — शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों में। यह भगवान विष्णु को समर्पित उपवास का दिन है। सटीक तिथि ऊपर पञ्चांग में देखें।

यामगंड और गुलिक काल क्या है?

यामगंड और गुलिक काल दिन के अशुभ समय हैं — राहु काल की तरह। इन समयों में नए कार्य, अनुबंध या शुभ समारोह शुरू करने से बचना चाहिए।